Sufinama

युवा सूफ़ी शायर

कराची के मा’रूफ़ सना-ख़्वान-ए-रसूल और शे’र-ओ-सुख़न के लिए मशहूर

ख़ानक़ाह-ए-बल्ख़िया फ़िदोसिया, फ़तूहा के सज्जादा-नशीं के साहब-ज़ादे

1970 अटक

अटक के अ प्रसिद्ध लेखक, कवि और शोधकर्ता हैं। आप पाकिस्तान राईटर्ज़ गिल्ड के भी सदस्य हैं

सिलसिला-ए-अबुल उलाइया जहाँगीरिया के बेहतरीन मुसन्निफ़-ओ-शाइ’र और गोवा में सूफी परंपरा के प्रसार के लिए मशहूर

ख़ानक़ाह नासरिया, सहारनपुर के चश्म-ओ-चराग़

1947 गया

ख़ानक़ाह करीमिया, बिथो शरीफ़ के सज्जादा-नशीं और मशहूर शाइ’र

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में उर्दू विभाग में सहायक प्रोफ़ेसर और हमीद वैशालवी के शागिर्द

नूर नूही के साहब-ज़ादे और बज़्म-ए-नूर, आरा के सरपरस्त

माहनामा अशर्फ़िया (मुबारकपुर) के पूर्व उप संपादक

आस्ताना हज़रत क़मरुद्दीन अबुल-उ'लाई, से वाबस्ता

आधुनिक समय के महत्वपूर्ण ना’त-गो शाइ’र

ख़ानक़ाह बल्ख़िया फ़िरदोसिया, फ़तूहा सज्जादा-नशीं के छोटे भाई और बड़े आ'लिम

ख़ानक़ाह सिराजिया, बनारस के सज्जादा-नशीं और प्रसिद्ध शोधकर्ता और विद्वान

मनेरी फ़ाउंडेशन के सरपरस्त और तसव्वुफ़ के ज़ौक़ से मा’मूर

दिल्ली में मुक़ीम पुर-गो-शाइ’र और ऑल इंडिया रेडीयो की फ़ारसी सर्विस से वाबस्ता

प्रमुख पाकिस्तानी शोधकर्ता, लेखक और कवि और पंजाब विश्वविद्यालय (लाहौर) के अध्यक्ष

दौर-ए-हाज़िर के एक मुहक़्क़िक़ और शे’र-ओ-अदब और मज़हबी,तारीख़ी तहक़ीक़ात में एक मुनफ़रिद मुक़ाम रखते हैं, बिल-ख़सूस ना’तिया अदब आप का शनाख़्त नामा है

दबिस्तान-ए-नव्वाबी का एक महकतागुलाब

रोज़-नामा इन्क़िलाब, पटना के पटना के पूर्व उप संपादक

ख़ानक़ाह आ’रिफ़िया, सय्यद सरावां, इलाहाबाद के सज्जादा-नशीं हैं और मशहूर धर्मगुरू

नातिया अदब के शोधकर्ता और खानकाह हलीमिया अबुलउ'लाइया, इलाहाबाद के प्रसिद्ध सज्जादा नशीन

ख़ानक़ाह ग़ोसिया अस्दकिया, सासाराम के सक्रिय व्यक्ति और दक्षिण अफ्रीका में युवा धार्मिक विद्वान के रूप में प्रसिद्ध

अहद-ए-हाज़िर का बेहतरीन शाइ’र

अरबी भाषा और साहित्य के लोकप्रिय विद्वान और मनेर शरीफ क्नघा;ख़ानकाह की महान हस्ती

इलाहाबाद से तअ’ल्लुक़ रखने वाले नव-जवान विद्वान

सिलसिला-ए-वारसिया के लोकप्रिय ख़तीब और सूफ़ी शाइ’र

मुस्लिम विश्वविद्यालय, अलीगढ़ के उर्दू विभाग के अध्यक्षऔर दाइरा शाह अजमल, इलाहाबाद के चश्म-ओ-चराग़

“जानम फ़िदा-ए-हैदरी” लिखने वाले शाइ’र

आस्ताना माजिदया, कराची के सज्जादा-नशीं

मखदूम अमीर जन पुस्तकालय, नटराली के संरक्षक और उपमहाद्वीप के प्रख्यात शोधकर्ता

इस्लामाबाद के युवा कवि जिनकी शाइ'री सुंदरता , प्रेम , सूफीवाद और नैतिक शिक्षाओं से भी भरपूर है।