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ब-'इश्क़त कुन दिलम या ग़ौस मदहोश

शाह अब्दुल क़ादिर बदायूँनी

ब-'इश्क़त कुन दिलम या ग़ौस मदहोश

शाह अब्दुल क़ादिर बदायूँनी

MORE BYशाह अब्दुल क़ादिर बदायूँनी

    रोचक तथ्य

    منقبت درشان غوثِ پاک شیخ عبدالقادر جیلانی (بغداد-عراق)

    ब-'इश्क़त कुन दिलम या ग़ौस मदहोश

    ज़बानम कुन ब-मदह-ए-ख़्वेश पुर-जोश

    'अजब शान-ए-जलाल-ए-तू कि पेशत

    सलातीं राज़-ए-सर-हा मी रवद होश

    ज़हे शान-ए-जमाल-ए-तू कि हरदम

    ब-फ़रियाद-ए-ग़रीबाँ मी नह्इ-ए-गोश

    रक़ाब-ए-औलिया शुद ज़ेर-ए-पायत

    कि दारी पा-ए-जद्द-ए-ख़्वेश बर्दोश

    हमेशः मुर्ग़ तू मानद नवा संज

    शुद: गो मुर्ग़ हर यक क़ुत्ब ख़ामोश

    पए फ़ज़्ल-ए-रसूल-ए-पाक या ग़ौस

    ब-दामान-ए-’इनायत ’ऐब-ए-मन पोश

    'फ़क़ीर' अज़ ज़ौक़ 'इश्क़ ग़ौस ख़्वाही

    ज़ दस्त-ए-मस्त-ए-ऊ यक जाम मय नोश

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