Sufinama

आज का विचार

It is a pious act to look at God’s scripture (i.e. Quran), greater is the piety in reciting it even if it be but one letter. It will banish ten vices and enable ten virtues being recorded in lieu. It improves the eyesight and would impart immunity to the eyes against all mishaps.

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प्रस्तुति

सूफ़ी

अमीर ख़ुसरौ

1253-1325

'ख़ुसरव' रैन सुहाग की जागी पी के संग

तन मेरो मन पीव को दोउ भए एक रंग

संत

कबीर

1440-1518

आदि अछर ही अगम है ता को सब बिस्तार

सत-गुरु दया तें पाइए सत्तनाम निज सार

काव्य संचयन

पसंदीदा विडियो

ई-पुस्तकें

शुरुआती दौर से लेकर तात्कालिक सूफ़ी साहित्य और संत-वाणी का अनूठा संग्रह

उर्दू गुलिस्तान

1931

कि़स्सा-दास्तान

हिकायात-ए-बोस्तान-ए-सादी

कि़स्सा-दास्तान

ख़्वाजा मीर दर्द : तसव्वुफ़ और शायरी

1971

शोध एवं समीक्षा

उर्दू गुलिस्तान

1931

शायरी

The Gulistan

1911

अनुवाद

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