Sufinama

ऐ बादशाह-ए-हुस्न कि ज़ेबिंदः दिलबरी

बेदम शाह वारसी

ऐ बादशाह-ए-हुस्न कि ज़ेबिंदः दिलबरी

बेदम शाह वारसी

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    बादशाह-ए-हुस्न कि ज़ेबिंदः दिलबरी

    दर ख़ूबी-ए-जमाल ज़े-आलम तू दीगरी

    यारा-ए-मिदहत-ए-तू कि-रा वहीद-ए-अस्र

    शान-ए-तू बरतर अस्त कि आल-ए-पयम्बरी

    अब्द-ए-ज़लील-ओ-ख़्वार-ओ-हक़ीर‌‌‌‌-ए-जहाँ मनम

    बर मन निगाह-ए-लुत्फ़-ओ-करम कुन कि सरवरी

    हुस्न-ए-अमल न-दारम अज़ पा फ़तादःअम

    दस्तम ब-गीर अज़ करम-ओ-बंदःपरवरी

    लिल्लाह शाह-ए-'वारिस'-ए-आलम नवाज़ कुन

    बर हाल-ए-ज़ार-ए-मा नज़र-ए-लुत्फ़-ए-सरसरी

    मा रा रसाँ ब-मंज़िल-ए-मक़सूद अज़ करम

    गुमराह-ए-राह-ए-रास्तम ख़िज़्र-ए-रहबरी

    आईना-वार शशदर-ओ-हैरान-ओ-मुज़्तरम

    ब-नुमाए शक्ल-ए-ख़्वेश तू रश्क-ए-सिकंदरी

    रह-नवर्द मंज़िल-ए-ख़ासान-ए-किबरिया

    बेहतर ज़े-बेहतरी तू बरतर ज़े-बरतरी

    'बेदम' फ़तादः-ए-रह-ए-उम्मीद रा ब-बीं

    शाह-ए-हुस्न अज़ नज़र-ए-लुत्फ़-ए-सरमदी

    स्रोत :
    • पुस्तक : दीवान-ए-बेदम (पृष्ठ 129)
    • रचनाकार : बेदम शाह वारसी
    • प्रकाशन : सिद्दीक़ बुक डिपो, लख़नऊ

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