Sufinama

बा-गुल-रुख़-ए-ख़्वेश गुफ़्तम ऐ ग़ुंचः-दहाँ

मुल्ला जामी

बा-गुल-रुख़-ए-ख़्वेश गुफ़्तम ऐ ग़ुंचः-दहाँ

मुल्ला जामी

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    बा-गुल-रुख़-ए-ख़्वेश गुफ़्तम ग़ुंचः-दहाँ

    हर-लहज़: म-पोश चेहर: चूँ इश्वःأदहाँ

    ज़द ख़ंदः कि मन ब-अ'क्स-ए-ख़ूबान-ए-जहाँ

    दर पर्दः अयाँ बा-शमअ' बे-पर्दः निहाँ

    रुख़्सार-ए-तू बे-नक़ाब दीदन न-तवाँ

    दीदार-ए-तू बे-हिजाब दीदन न-तवाँ

    मादाम कि दर कमाल-ए-इशराक़ बुवद

    सर-चश्मः-ए-आफ़्ताब दीदन न-तवाँ

    ख़ुर्शीद चू बर फ़लक ज़नद रायत-ए-नूर

    दर परतव-ए-ऊ ख़ीरः शवद दीद: ज़े-दूर

    वाँ दम कि कुनद ज़े-पर्द:-ए-अब्र ज़ुहूर

    फन्नाज़िरो यल्मह ईलैहे मिन ग़ैरे क़ुसूर

    स्रोत :
    • पुस्तक : लवाएह जामी (पृष्ठ 11)
    • रचनाकार : मुल्ला जामी
    • प्रकाशन : नामी मुंशी नवल किशोर (1900)

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