Sufinama

सितम अस्त अगर हवसत कशद कि ब-सैर-ए-सर्व-ओ-समन दर आ

बेदिल अज़ीमाबादी

सितम अस्त अगर हवसत कशद कि ब-सैर-ए-सर्व-ओ-समन दर आ

बेदिल अज़ीमाबादी

MORE BYबेदिल अज़ीमाबादी

    सितम अस्त अगर हवसत कशद कि ब-सैर-ए-सर्व-ओ-समन दर

    तू ज़े-ग़ुन्चः कम दमीदःई दर-ए-दिल-कुशा ब-चमन दर

    पए नाफ़हा-ए-रमीदः-बू म-पसंद ज़हमत-ए-जुस्तुजू

    ब-ख़याल-ए-हल्क़ः-ए-ज़ुल्फ़-ए-ऊ गिरहे ख़ूर-ओ-ब-ख़ुतन दर

    हवस-ए-तू नेक-ओ-बद तू शुद नफ़स तू दाम-ओ-दद तू शुद

    कि ब-ईं जुनूँ बलद तू शुद कि ब-आ'लम-ए-तू-ओ-मन दर

    ग़म-ए-इंतिज़ार-ए-तू बुर्द:अम बरह-ई ख़ाल-ए-तू मुर्दः-अम

    क़दमे ब-पुर्सिश-ए-मन कुशा नफ़से चू जाँ ब-बदन दर

    हवा-ए-औज पुस्तीयत ख़ुरोश-ए-होश मस्तीयत

    चू सहर चे हासिल-ए-हस्तीयत नफ़से शू-ओ-ब-सुख़न दर

    ज़े-सरोश-ए-महफ़िल-ए-किब्रिया हमः-वक़्त मी-रसद ईं निदा

    कि ब-ख़ल्वत-ए-अदब-ए-वफ़ा ज़े-दर-ए-बेरूँ शुदन दर

    बद्राए 'बेदिल' अज़ीं क़फ़स अगर आँ तरफ़ कशदत हवस

    तू ब-ग़ुरबत-ए-आँ-हमः ख़ुश कि गोयमत वतन दर

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    इक़बाल बानो

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    स्रोत :
    • पुस्तक : कुल्लियात-ए-अबुलमआ'ली मिर्ज़ा अ'बुद्लक़ादिर बेदिल (भाग-1) (पृष्ठ 84)
    • रचनाकार : बेदिल अज़ीमाबादी
    • प्रकाशन : पोहनी मत्बा" काबुल (1922)

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