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हमारे पास जानाँ आन पहुँचादिल-ए-बे-जान कूँ अब जान पहुँचा
Intekhab Siraj Aurangabadi
ग़ुलाम रब्बानी ताबाँ
1969शाइरी
इंतिख़ाब-ए-सिराज औरंगाबादी
सिराज औरंगाबादी
Siraj Aur Un Ki Shairi
अब्दुल क़ादिर सरवरी
जीवनी
Kulliyat-e-Siraj
1938शाइरी
1998शाइरी
1982शाइरी
Kalam-e-Safi Aurangabadi
मोहम्मद नूरुद्दीन ख़ाँ
1993शाइरी
Gulshan-e-Siraj
1904शाइरी
Kulliyat-e-Safi Aurangabadi
महबूब अली ख़ाँ अख़गर
2000
Siraj-e-Sukhan
1936शाइरी
Kulliyat-e-Nasr-e-Ghalib
मिर्ज़ा ग़ालिब
1871मुंशी नवल किशोर के प्रकाशन
Siraj-us-Salikeen
1890अनुवाद
Masroor Aurangabadi Shakhsiyat Aur Fan
एेतिसामुल हक़
2009
Sooraj Chand Ki Kahani
ख़्वाजा हसन निज़ामी
1926
Balagh-ul-Mubeen
शाह वलीउल्लाह मोहद्दिस देहलवी
1937धर्म-शास्त्र
क्यूँ तिरे गेसू कूँ गेसू बोलनाँदिल में आता है कि शब्बू बोलनाँ
कहाँ है गुल-बदन मोहन पियाराकि जियूँ बुलबुल है नालाँ दिल हमारा
बात कर दिल सती हिजाब निकालग़ुंचा-ए-लब सती गुलाब निकाल
मुझ दर्द सें यार आश्ना नईंशायद कि किसी का मुब्तला नईं
यार गर्म-ए-मेहरबानी हो गयादुश्मन-ए-जानी था जानी हो गया
यार को बे-हिजाब देखा हूँमैं समझता हूँ ख़्वाब देखा हूँ
जो तुझे देख के मबहूत हुआख़ून-ए-दिल उस को सदा क़ूत हुआ
आया पिया शराब का प्याला पिया हुआदिल के दिए की जोत सीं काजल दिया हुआ
आ'लम के दोस्तों में मुरव्वत नहीं रहीशर्म-ओ-हया-ओ-मेहर-ओ-शफ़क़त नहीं रही
जिस ने तुझ हुस्न पर निगाह कियानूर-ए-ख़ुर्शीद फ़र्श-ए-राह किया
ऐ सनम तुझ बिरह में रोता हूँअश्क-ए-ख़ूनीं सीं मुँह कूँ धोता हूँ
जान जाता है अब तो आ जानीहिज्र की आग पर छिड़क पानी
मज्लिस-ए-ऐ'श गर्म हो या-रबयार अगर होवे शम्-ए'-बज़्म-ए-तरब
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