आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "sant sahitya punarmulyankan rajdev singh ebooks"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "sant sahitya punarmulyankan rajdev singh ebooks"
अन्य परिणाम "sant sahitya punarmulyankan rajdev singh ebooks"
सोरठा
अखरावती - सतगुरु खोजो संत जीव काज जेहि होय जो
सतगुरु खोजो संत जीव काज जेहि होय जोमेटैं भव का अंत आवागवन निवारहीं
कबीर
पद
धन्य भूमि वो सन्त विराजे नगर डीडपुर शोभा राजे
वेर वेर दर्शन वलिहारी सन्त शिरोमणि मंडली भारदर्शन सेती सब दुख नासै गूदड़िया सन्त उधारणी
भाऊदास जी
अरिल्ल
संत मता है सार और सब जाल पसारा
संत बिना नहिं घाट बाट एको नहिँ पावैअरे हाँ रे 'तुलसी' भटकि भटकि भ्रमखान संत बिन भव में आवै
तुलसी साहिब हाथरस वाले
अरिल्ल
अरिल छंद - अजर अमर पुर देस संत रन साजिया
अजर अमर पुर देस संत रन साजियामन पवना होउ साज नौबति धुनि बाजिया
गुलाल साहब
शबद
वो देश दिवाना जी पहुँचै कोई सन्त जना
वो देश दिवाना जी पहुँचै कोई सन्त जनावहाँ अनहद बाजै जी चल रही सुखमना
ईश्वरदास
झूलना
घट घट में रचना होय रही स्रुति सैल से संत निहारते हैं
घट घट में रचना होय रही स्रुति सैल से संत निहारते हैंसत मत का अंत लखाव लखै सो पकाय के पार सुनावते हैं
तुलसी साहिब हाथरस वाले
सोरठा
श्री गुरु सन्त प्रताप वरनौं वुद्धि विलास कछु
श्री गुरु सन्त प्रताप वरनौं वुद्धि विलास कछुतजूं आंन को जाप जग जोई सोई सही
स्वामी भगवानदास जी
साखी
गुप्त रूप जहां धारिया, राधास्वामी नाम।
गुप्त रूप जहां धारिया, राधास्वामी नाम।बिना मेहर नहिं पावई, जहां कोई बिसराम।।
शिवदयाल सिंह
साखी
बैठक स्वामी अद्भुती, राधा निरख निहार।
बैठक स्वामी अद्भुती, राधा निरख निहार।और न कोई लख सके, शोभा अगम अपार।।