आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "shab-e-ranj-o-mahan"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "shab-e-ranj-o-mahan"
पद
ककहरा - भभ्भा भगी सुरति घट माहिँ जाय जो देखा भाई
भभ्भा भगी सुरति घट माहिँ जाय जो देखा भाईसुखमनि सेज सँवारि सुन्नी में सुरति लगाई
तुलसी साहिब हाथरस वाले
अरिल्ल
अरिल छंद - राम रहे घर माहिं ताहि नहिं मानई
राम रहे घर माहिं ताहि नहिं मानईपूजहि पत्थल भीति मया मन सानई
गुलाल साहब
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "shab-e-ranj-o-mahan"
पद
सावन - ये सावन 'तुलसी' कहै खोजो सतसंग माहिँ
ये सावन 'तुलसी' कहै खोजो सतसंग माहिँगाइ गवन सज्जन करै बूझै सत मति पाइ
तुलसी साहिब हाथरस वाले
पद
लावनी - ये नर तन दुरलभ माहिँ हाय नहिं पाई
ये नर तन दुरलभ माहिँ हाय नहिं पाईजाले अँखियों में पड़े करम दुखदाई
तुलसी साहिब हाथरस वाले
साखी
अली अकास सुरत चली गली गगन के माहिँ
अली अकास सुरत चली गली गगन के माहिँधाइ धमक ऊपर चढ़ी खड़ी महल मुस्काइ
तुलसी साहिब हाथरस वाले
पद
ककहरा - सस्सा सोच करी मन माहिँ पिंड कहो कौन सँवारा
सस्सा सोच करी मन माहिँ पिंड कहो कौन सँवाराआदि अन्त का खेल किया किन बिधि बिधि सारा
तुलसी साहिब हाथरस वाले
ग़ज़ल
और ज़िक्र-ए-’ऐश से होता है दूना रंज-ओ-ग़मअब कि अगली सोहबतें ख़्वाब-ए-परेशाँ हो गईं
अब्दुल रब तालिब
पद
ककहरा - पप्पा पड़े जगत के माहिँ भक्ति सुपने नहिं भावै
पप्पा पड़े जगत के माहिँ भक्ति सुपने नहिं भावैबाम्हन पंडित भेष सबै पुनि दान करावै
तुलसी साहिब हाथरस वाले
फ़ारसी सूफ़ी काव्य
ज़ फ़िक्र-ए-रंज-ओ-ग़म-ए-हादिसात आज़ादस्तदिले कि अज़ करम ग़ौस-ए-आ'ज़म आबादस्त
शाह अब्दुल क़ादिर बदायूँनी
शे'र
बला के रंज-ओ-ग़म दरपेश हैं राह-ए-मोहब्बत मेंहमारी मंज़िल-ए-दिल तक हमें अल्लाह पहुँचाए
सदिक़ देहलवी
दोहा
विनय मलिका - ठग पापी कपटी कुटिल ये लच्छन मोहिं माहिं
ठग पापी कपटी कुटिल ये लच्छन मोहिं माहिंजैसो तैसो तेर ही अरु काहू को नाहिं






