आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "aansu aur muskurahat jibran khalil jibran ebooks"
शेर के संबंधित परिणाम "aansu aur muskurahat jibran khalil jibran ebooks"
शे'र
इन्हें आँसू समझ कर यूँ न मिट्टी में मिला ज़ालिमपयाम-ए-दर्द-ओ-दिल है और आँखों की ज़बानी है
जिगर मुरादाबादी
शे'र
वही अब बा'द-ए-मुर्दन क़ब्र पर आँसू बहाते हैंन आया था जिन्हें मेरी मोहब्बत का यक़ीं बरसों
मुज़तर ख़ैराबादी
शे'र
वही अब बा'द-ए-मुर्दन क़ब्र पर आँसू बहाते हैंन आया था जिन्हें मेरी मोहब्बत का यक़ीं बरसों
मुज़तर ख़ैराबादी
शे'र
हँसने में जो आँसू आते हैं नैरंग-ए-जहाँ बतलाते हैंहर-रोज़ जनाज़े जाते हैं हर-रोज़ बरातें होती हैं