आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "baar-e-furqat"
शेर के संबंधित परिणाम "baar-e-furqat"
शे'र
नौ-असीर-ए-फ़ुर्क़त हूँ वस्ल-ए-यार मुझ से पूछहो गई ख़िज़ाँ दम में सब बहार मुझ से पूछ
निसार अकबराबादी
शे'र
नौ-असीर-ए-फ़ुर्क़त हूँ वस्ल-ए-यार मुझ से पूछहो गई ख़िज़ाँ दम में सब बहार मुझ से पूछ
निसार अकबराबादी
शे'र
गया फ़ुर्क़त का रोना साथ उम्मीद-ओ-तमन्ना केवो बेताबी है अगली सी न चश्म-ए-ख़ूँ-चकाँ मेरी
राक़िम देहलवी
शे'र
हम वस्ल में ऐसे खोए गए फ़ुर्क़त का ज़माना भूल गएसाहिल की ख़ुशी में मौजों का तूफ़ान उठाना भूल गए
कामिल शत्तारी
शे'र
ग़म-ए-फ़ुर्क़त है खाने को शब-ए-ग़म है तड़पने कोमिला है हम को वो जीना कि मरना इस को कहते हैं
राक़िम देहलवी
शे'र
जला हूँ आतिश-ए-फ़ुर्क़त से मैं ऐ शोअ'ला-रू याँ तकचराग़-ए-ख़ाना मुझ को देख कर हर शाम जलता है
अब्दुल रहमान एहसान देहलवी
शे'र
चाटती है क्यूँ ज़बान-ए-तेग़-ए-क़ातिल बार बारबे-नमक छिड़के ये ज़ख़्मों में मज़ा क्यूँकर हुआ
अमीर मीनाई
शे'र
गर मिले इक बार मुझ को वो परी-वश कज-अदाउस को ज़ाहिर कर दिखाऊँ दिल का मतलब दिल की बात
किशन सिंह आरिफ़
शे'र
जफ़ा-ओ-जौर के सदक़े तसद्दुक़-बर-ज़बानी परसुनाते हैं वो लाखों बे-नुक़त इस बे-दहानी पर