आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "ilaj ul ghuraba ebooks"
शेर के संबंधित परिणाम "ilaj ul ghuraba ebooks"
शे'र
हर क़दम के साथ मंज़िल लेकिन इस का क्या इ’लाजइ’श्क़ ही कम-बख़्त मंज़िल-आश्ना होता नहीं
जिगर मुरादाबादी
शे'र
लाया तुम्हारे पास हूँ या पीर अल-ग़ियासकर आह के क़लम से मैं तहरीर अल-ग़ियास