परिणाम "sahr ul bayan masnawi meer hasan meer hasan ebooks"
Tap the Advanced Search Filter button to refine your searches
शीशे में हसीं बादा-ए-गुल-फ़ाम हसीं हैमय-ख़ाना-ए-इस्लाम का हर जाम हसीं है
हसीन भी हूँ ख़ुश-आवाज़ भी फ़रिश्ता-ए-क़ब्रकटी है उम्र हसीनों से गुफ़्तुगू करते
तेरे वा'दों का ए'तिबार किसेगो कि हो ताब-ए-इंतिज़ार किसे
एक ईमान है बिसात अपनीन इबादत न कुछ रियाज़त है
लेकिन उस को असर ख़ुदा जानेन हुआ होगा या हुआ होगा
ढूँढते हैं आप से उस को परेशैख़ साहिब छोड़ घर, बाहर चले
नाला करना कि आह करनादिल में 'असर' उस के राह करना
जब तक एक हसीं मकीं था दिल में हर-सू फूल खिले थेवो उजड़ा तो गुलशन उजड़ा और हुआ आबाद नहीं है
कहूँ क्या ख़ुदा जानता है सनममोहब्बत तिरी अपना ईमान है
जान से हो गए बदन ख़ालीजिस तरफ़ तू ने आँख भर देखा
किधर की ख़ुशी कहाँ की शादीजब दिल से हवस ही सब उड़ा दी
कर के दिल को शिकार आँखों मेंघर करे है तो यार आँखों में
मानूस न था वो बुत कसो सेटुक राम किया ख़ुदा-ख़ुदा कर
क्या कहे वो कि सब हुवैदा हैशान तेरी तिरी किताब के बीच
न रहा इंतिज़ार भी ऐ यासहम उमीद-ए-विसाल रखते थे
गुलों की तरह चाक का ऐ बहारमुहय्या हर इक याँ गरेबान है
आ फँसूँ मैं बुतों के दाम में यूँ'दर्द' ये भी ख़ुदा की क़ुदरत है
उन बुतों के लिए ख़ुदा न करेदीन-ओ-दिल यूँ कोई भी खोता है
'असर' इन सुलूकों पे क्या लुत्फ़ हैफिर उस बे-मुरव्वत के घर जाइए
Devoted to the preservation & promotion of Urdu
Urdu poetry, urdu shayari, shayari in urdu, poetry in urdu
A Trilingual Treasure of Urdu Words
World of Hindi language and literature
The best way to learn Urdu online
Best of Urdu & Hindi Books