आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "tam.iiz-e-kamaal-o-naqs"
शेर के संबंधित परिणाम "tam.iiz-e-kamaal-o-naqs"
शे'र
अमीर मीनाई
शे'र
अमीर मीनाई
शे'र
या तू ने नज़र ख़ीरा कर दी ऐ बर्क़-ए-तजल्ली या हम हीदीदार में अपनी आँखों का एहसान उठाना भूल गए
कामिल शत्तारी
शे'र
ऐ चारागर-ए-ख़ुश-फ़हम ज़रा कुछ अक़्ल की ले कुछ होश की लेबीमार-ए-मोहब्बत भी तुझ से नादान कहीं अच्छा होगा
कामिल शत्तारी
शे'र
'इश्क़ की आईना-दारी जज़्बा-ए-कामिल में हैवो मिरे दिल में है पहले से जो उन के दिल में है
निहाद सण्डेलवी
शे'र
कमाल-ए-इ’ल्म-ओ-तहक़ीक़-ए-मुकम्मल का ये हासिल हैतिरा इदराक मुश्किल था तिरा इदराक मुश्किल है
सीमाब अकबराबादी
शे'र
तू उसी की आँख का नूर है तू उसी के दिल का सुरूर हैकि जिसे बुलंद नज़र मिली कि जिसे शुऊ'र-ए-विला मिला