आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "इम्तिहाँ"
Kalaam के संबंधित परिणाम "इम्तिहाँ"
कलाम
मिरी फ़ितरत वफ़ा है दे रहा हूँ इम्तिहाँ फिर भीवो फ़ितरत-आश्ना है और मुझ से बद-गुमाँ फिर भी
सीमाब अकबराबादी
कलाम
मिरे होते हुए कोई शरीक-ए-इम्तिहाँ क्यूँ होतिरा दर्द-ए-मोहब्बत भी नसीब-ए-दुश्मनाँ क्यूँ हो
बेदम शाह वारसी
कलाम
तिरी फ़ितरत अमीं है मुम्किनात ज़िंदगानी कीजहँ के जौहर मुज़्मर का गोया इम्तिहाँ तो है
अल्लामा इक़बाल
कलाम
ज़िंदगी में आ गया जब कोई वक़्त-ए-इम्तिहाँइस ने देखा है 'जिगर' बे-इख़्तियाराना मुझे
जिगर मुरादाबादी
कलाम
सारे जहाँ के फ़लसफ़े हेच हैं उस के सामनेइ'श्क़ का इम्तिहाँ न ले अ'क़्ल को आज़माए जा
सीमाब अकबराबादी
कलाम
इम्तिहाँ का वक़्त है ईमान दूँ या जान दूँमैं बड़ी मुश्किल में हूँ मौला मिरी मुश्किल में आ