आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "awarif ul maarif shaikh shahabuddin umar saharwardi ebooks"
Kalaam के संबंधित परिणाम "awarif ul maarif shaikh shahabuddin umar saharwardi ebooks"
कलाम
शैख़-जी तशरीफ़ यूँ बहर-ए-ज़ियारत ले चलेलब पे तौब: उन बुतों की दिल में उल्फ़त ले चले
औघट शाह वारसी
कलाम
याद उन की दिल में रहती है और हिज्र की रातें होती हैंआँखें यूँ झम-झम रोती हैं जैसे बरसातें होती हैं
रियाज़ सुहरावर्दी
कलाम
शैख़ करता तो है मस्जिद में ख़ुदा को सज्देउस के सज्दों में असर हो ये ज़रूरी तो नहीं
ख़ामोश ग़ाज़ीपूरी
कलाम
शैख़-जी हैं और शब-भर दुख़्त-ए-रज़ से इख़्तिलातवो तक़द्दुस हो चुका वो इल्तिक़ा जाता रहा
अमीर मीनाई
कलाम
नाज़ाँ शोलापुरी
कलाम
हरम से करता है किस रिंद को शैख़-ए-हरम ख़ारिजजहाँ मैं बैठ जाऊँ जल्वा-गाह-ए-नाज़ बन जाए