परिणाम "bargashta"
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मुझ से बरगश्ता जो तू ऐ गुल-बदन हो जाएगामेरी नज़रों में जहाँ उजड़ा वतन हो जाएगा
बर्गश्ता-ओ-बद-ज़न सा पाते हैं ख़ुदा हाफ़िज़अब हम तिरी महफ़िल से जाते हैं ख़ुदा हाफ़िज़
न पूछ ’आलम-ए-बरगश्ता-तालि’ई 'आतिश'बरसती आग जो बाराँ की आरज़ू करते
गर हों बरगश्ता मुक़द्दर वले हामी तुम होतुम तो बिगड़ी हुई तक़दीर बना देते हो
उस की बरगश्ता नसीबी पर कहाँ तक रोइएवो गुलिस्ताँ जो बहार आते ही वीराँ हो गया
पंडित पूछो फ़ाल दिखाओ तेरा बाचन क्या हासिलजब दिन हों बरगश्ता किस के फेरे फिरते हैं
देखना मुझ को जो बरगश्त: तो सौ सौ नाज़ सेजब मना लेना तो फिर ख़ुद रूठ जाना याद है
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