आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "saaz e shikasta saba afghani ebooks"
Kalaam के संबंधित परिणाम "saaz e shikasta saba afghani ebooks"
कलाम
तू बचा-बचा के न रख उसे तिरा आईना है वो आईनाकि शिकस्ता हो तो 'अज़ीज़-तर है निगाह-ए-आइना-साज़ में
अल्लामा इक़बाल
कलाम
ख़ुदी के साज़ में है उ'म्र-ए-जावेदाँ का सुराग़ख़ुदी के सोज़ से रौशन हैं उम्मतों के चराग़
अल्लामा इक़बाल
कलाम
शिकस्ता दिल में रहते हैं है साबित उन के कहने सेतअ'ज्जुब है पता देते हैं अपना ला-मकाँ हो कर
तसद्दुक़ अ’ली असद
कलाम
जोशिश-ए-गिर्या ता-बके नाला-म-कुन मिसाल-ए-नेया'नी अपने दर्द का आप ही चारा-साज़ बन
शाह मोहसिन दानापुरी
कलाम
शाह तक़ी राज़ बरेलवी
कलाम
मसीहा हो क़ज़ा हो यास हो उम्मीद हो वो होंकोई तो चारा-साज़-ए-ख़ातिर-ए-नासाज़ बन जाए
ख़्वाजा अज़ीज़ुल हसन मजज़ूब
कलाम
अख़्तर शीरानी
कलाम
ये नग़्मा-ए-दिल-कश मिरा बे-साज़ नहीं हैवो बोल रहे हैं मिरी आवाज़ नहीं है