रामपुर के शायर और अदीब
कुल: 48
अब्र अहसनी
1898 - 1973
अख़्तर अलीगढ़ी
1893 - 1958
अमीर मीनाई
1829 - 1900
दाग़ देहलवी के समकालीन। अपनी ग़ज़ल ' सरकती जाए है रुख़ से नक़ाब आहिस्ता आहिस्ता ' के लिए प्रसिद्ध हैं।
अश्क रामपुरी
1950
फ़ौक़ रामपुरी
1895
हफ़िज़ुल्लाह
1860
हसीब अहमद रोयत
1817 - 1846
जलालुद्दीन अहमद ख़ान
1829 - 1894
- निवास : रामपुर
मीर एवज़ अली
1796 - 1881
मियाँ अहमद अली शाह
1864
मियाँ ग़ुलाम हसन
1851
मियाँ ग़ुलाम हुसैन
1843
मुफ़ाज़िलुल हक़ मेहरी
1925 - 1991
मुफ़्ती सअदुल्लाह आशुफ़्ता
1804 - 1877
मोहम्मद हयात ख़ान
1707
मोहम्मद अली ख़ान असर
1892 - 1963
- जन्म : रामपुर
मोहम्मद अमीर शाह
1872
मुर्तज़ा बरलास
1934
मुज़म्मिल ख़ान
1991
निकहत सहसवानी
1871 - 1952
सहसवान के मा’रूफ़ अदीब, मज़मून-निगार और शाइ’र-ए-मश्शाक़
- निवास : रामपुर
क़ाज़ी नूर-उल-हक़
1808
रघुनंदन किशोर
1894 - 1960
सबा अफ़ग़ानी
1922 - 1976
साएब रामपूरी
1905 - 1974
सालिक रहमानी
1915 - 1979
- जन्म : फ़र्रुख़ाबाद
- निवास : रामपुर
सरवत रामपुरी
1918 - 1984
शाह रऊफ़ अहमद
1786 - 1825
शैख़ ग़ुलाम अली
1828
शैख़ जलालुद्दीन
1807
सय्यद निज़ाम शाह
1819 - 1872
वफ़ा निज़ामी
1907 - 1981
वजीह रामपुरी
1899 - 1987
वज़ीर मोहम्मद ख़ान
1862 - 1905