बय्याँ हो किस ज़बाँ से मर्तबा सिद्दीक़-ए-अकबर का
रोचक तथ्य
منقبت در شان حضرت ابو بکر صدیق (مدینہ-سعودی عرب)
बय्याँ हो किस ज़बाँ से मर्तबा सिद्दीक़-ए-अकबर का
है यार-ए-ग़ार महबूब-ए-ख़ुदा सिद्दीक़-ए-अकबर का
इलाही रहम फ़रमा ख़ादिम-ए-सिद्दीक़-ए-अकबर हूँ
तिरी रहमत के सदक़े वास्ता सिद्दीक़-ए-अकबर का
रुसुल और अंबिया के बा'द जो अफ़ज़ल हो 'आलम से
ये 'आलम में है किस का मर्तबा सिद्दीक़-ए-अकबर का
गदा सिद्दीक़-ए-अकबर का ख़ुदा से फ़ज़्ल पाता है
ख़ुदा के फ़ज़्ल से मैं हूँ गदा सिद्दीक़-ए-अकबर का
नबी का और ख़ुदा का मद्ह-गो सिद्दीक़-ए-अकबर है
नबी सिद्दीक़-ए-अकबर का ख़ुदा सिद्दीक़-ए-अकबर का
ज़िया में मेहर-ए-'आलम-ताब का यूँ नाम कब होता
न होता नाम अगर वज्ह-ए-ज़िया सिद्दीक़-ए-अकबर का
ज़'ईफ़ी में ये क़ुव्वत है ज़'ईफ़ों को क़वी कर दें
सहारा लें ज़’ईफ़-ओ-अक़्विया सिद्दीक़-ए-अकबर का
ख़ुदा इकराम फ़रमाता है अत्क़ा कह के क़ुरआँ में
करें फिर क्यूँ न इकराम-ए-अत्क़िया सिद्दीक़-ए-अकबर का
सफ़ा वो कुछ मली ख़ाक-ए-सर-ए-कू-ए-पयम्बर से
मुसफ़्फ़ा आईना है नक़्श-ए-पा सिद्दीक़-ए-अकबर का
हुए फ़ारूक़-ओ-’उस्मान-ओ-'अली जब दाख़िल-ए-बै'अत
बना फ़ख़्र-ए-सलासिल सिलसिला सिद्दीक़-ए-अकबर का
मक़ाम-ए-ख़्वाब-ए-राहत चैन से आराम करने को
बना पहलू-ए-महबूब-ए-ख़ुदा सिद्दीक़-ए-अकबर का
'अली हैं उस के दुश्मन और वो दुश्मन 'अली का है
जो दुश्मन 'अक़्ल का दुश्मन हुआ सिद्दीक़-ए-अकबर का
लुटाया राह-ए-हक़ में घर कई बार उस मोहब्बत से
कि लुट-लुट कर 'हसन' घर बन गया सिद्दीक़-ए-अकबर का
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