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बय्याँ हो किस ज़बाँ से मर्तबा सिद्दीक़-ए-अकबर का

हसन रज़ा बरेलवी

बय्याँ हो किस ज़बाँ से मर्तबा सिद्दीक़-ए-अकबर का

हसन रज़ा बरेलवी

MORE BYहसन रज़ा बरेलवी

    रोचक तथ्य

    منقبت در شان حضرت ابو بکر صدیق (مدینہ-سعودی عرب)

    बय्याँ हो किस ज़बाँ से मर्तबा सिद्दीक़-ए-अकबर का

    है यार-ए-ग़ार महबूब-ए-ख़ुदा सिद्दीक़-ए-अकबर का

    इलाही रहम फ़रमा ख़ादिम-ए-सिद्दीक़-ए-अकबर हूँ

    तिरी रहमत के सदक़े वास्ता सिद्दीक़-ए-अकबर का

    रुसुल और अंबिया के बा'द जो अफ़ज़ल हो 'आलम से

    ये 'आलम में है किस का मर्तबा सिद्दीक़-ए-अकबर का

    गदा सिद्दीक़-ए-अकबर का ख़ुदा से फ़ज़्ल पाता है

    ख़ुदा के फ़ज़्ल से मैं हूँ गदा सिद्दीक़-ए-अकबर का

    नबी का और ख़ुदा का मद्ह-गो सिद्दीक़-ए-अकबर है

    नबी सिद्दीक़-ए-अकबर का ख़ुदा सिद्दीक़-ए-अकबर का

    ज़िया में मेहर-ए-'आलम-ताब का यूँ नाम कब होता

    होता नाम अगर वज्ह-ए-ज़िया सिद्दीक़-ए-अकबर का

    ज़'ईफ़ी में ये क़ुव्वत है ज़'ईफ़ों को क़वी कर दें

    सहारा लें ज़’ईफ़-ओ-अक़्विया सिद्दीक़-ए-अकबर का

    ख़ुदा इकराम फ़रमाता है अत्क़ा कह के क़ुरआँ में

    करें फिर क्यूँ इकराम-ए-अत्क़िया सिद्दीक़-ए-अकबर का

    सफ़ा वो कुछ मली ख़ाक-ए-सर-ए-कू-ए-पयम्बर से

    मुसफ़्फ़ा आईना है नक़्श-ए-पा सिद्दीक़-ए-अकबर का

    हुए फ़ारूक़-ओ-’उस्मान-ओ-'अली जब दाख़िल-ए-बै'अत

    बना फ़ख़्र-ए-सलासिल सिलसिला सिद्दीक़-ए-अकबर का

    मक़ाम-ए-ख़्वाब-ए-राहत चैन से आराम करने को

    बना पहलू-ए-महबूब-ए-ख़ुदा सिद्दीक़-ए-अकबर का

    'अली हैं उस के दुश्मन और वो दुश्मन 'अली का है

    जो दुश्मन 'अक़्ल का दुश्मन हुआ सिद्दीक़-ए-अकबर का

    लुटाया राह-ए-हक़ में घर कई बार उस मोहब्बत से

    कि लुट-लुट कर 'हसन' घर बन गया सिद्दीक़-ए-अकबर का

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