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काम का असली मामला दिल से है, अगर दिल ख़ुदा के अलावा किसी और चीज़ में उलझा हुआ है, तो वह बेकार और अधूरेपन से भरा है। केवल बाहरी अमल और दिखावे की इबादत से कुछ हासिल नहीं हो सकता।

शैख़ अहमद सरहिन्दी

काम का असली मामला दिल से है, अगर दिल ख़ुदा के अलावा किसी और चीज़ में उलझा हुआ है, तो वह बेकार और अधूरेपन से भरा है। केवल बाहरी अमल और दिखावे की इबादत से कुछ हासिल नहीं हो सकता।

शैख़ अहमद सरहिन्दी

MORE BYशैख़ अहमद सरहिन्दी

    काम का असली मामला दिल से है, अगर दिल ख़ुदा के अलावा किसी और चीज़ में उलझा हुआ है, तो वह बेकार और अधूरेपन से भरा है। केवल बाहरी अमल और दिखावे की इबादत से कुछ हासिल नहीं हो सकता।

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