Sufinama

KHwahi ze-firaq dar fughan dar mara

Omar Khayyam

KHwahi ze-firaq dar fughan dar mara

Omar Khayyam

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    ḳhvāhī ze-firāq dar fuġhāñ daar marā

    ḳhvāhī ze-visāl shādmāñ daar marā

    man na goyam ki chasāñ daar marā

    zānsāñ ki dilat ḳhvāst chunāñ daar marā

    मैं तेरी आरज़ूओं पर निर्भर कर्ता हुँ। अगर तुम अपनी जुदाई में मुझे तड़पाना चाहते तो तो और तड़पा, और अगर मिलने का सुख देना चाहते है तो सुख दो। तू जिस हालत में मुझे रखना चाहता है रख। मैं कभी इसके ख़िलाफ अपने मुँह से एक लफ़्ज़ भी नहीं निकालूँगा।

    KHwahi ze-firaq dar fughan dar mara

    KHwahi ze-visal shadman dar mara

    man ba tu na goyam ki chasan dar mara

    zansan ki dilat KHwast chunan dar mara

    मैं तेरी आरज़ूओं पर निर्भर कर्ता हुँ। अगर तुम अपनी जुदाई में मुझे तड़पाना चाहते तो तो और तड़पा, और अगर मिलने का सुख देना चाहते है तो सुख दो। तू जिस हालत में मुझे रखना चाहता है रख। मैं कभी इसके ख़िलाफ अपने मुँह से एक लफ़्ज़ भी नहीं निकालूँगा।

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