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फ़ारसी सूफ़ी काव्य
ब-शगुफ़्त गुल दर बोस्ताँ आँ गुंचः-ए-ख़ंदाँ कुजाशुद वक़्त-ए-ऐश-ए-दोस्ताँ आँ लाल: बुस्ताँ कुजा
अमीर ख़ुसरौ
ना'त-ओ-मनक़बत
हाफ़िज़ हबीब अ'ली शाह
फ़ारसी सूफ़ी काव्य
वश्शमस चे बाशद सिफ़त-ए-वज्ह-ए-शरीफ़शवल्लैल चे बाशद सिफ़त-ए-मू-ए-मोहम्मद
अमीर हसन अला सिज्ज़ी
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दकनी सूफ़ी काव्य
जेकूमनामा
के फ़िलहाल उस बादशाह पास होतुरत जाके आन पडया है रखवाल हो
फ़ज़ल बिन मोहम्मद अमीन
फ़ारसी सूफ़ी काव्य
रौनक़-ए-अ’हद-ए-शबाबस्त दिगर बुस्ताँ रामी-रसद मुज़्दः-ए-गुल बुलबुल-ए-ख़ुश-इलहाँ रा
हाफ़िज़
ग़ज़ल
अज़ीज़ सफ़ीपुरी
फ़ारसी सूफ़ी काव्य
ब-फ़िक्र ब-निगर दमे जमालम कि शाहिद-ए-ख़ुद बहर कमालमब-क़ा-ब-क़ौसैन ख़ुद रसीदम मनम मोहम्मद मनम मोहम्मद
अज़ीज़ सफ़ीपुरी
फ़ारसी सूफ़ी काव्य
ऐ सर्व-ए-नाज़ रौनक़-ए-बुस्तान-ए-मा तुईऐ नूर-ए-दीदः शम-ए’-शबिस्तान-ए-मा तुई
हुसैन बिन मंसूर हल्लाज
फ़ारसी कलाम
नस्र फुलवारवी
गूजरी सूफ़ी काव्य
अंदर नहीं, बाहर नहीं, बल्कि पिया हर चीज़ है
अंदर नहीं बाहर नहीं बल्कि पिया हर चीज़ हैया बास जियूँ संदल मनें या जल्वा-ए-रुख़्सार ख़ुश