आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "jism-ba-jism"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "jism-ba-jism"
फ़ारसी कलाम
ऐ ब-तू ज़िंद: जिस्म-ओ-जाँ मूनिस-ए-जान-ए-कीस्तीशेफ़्त-ए-तू इंस-ओ-जाँ उंस-ए-रवान-ए-कीस्ती
फ़ख़रुद्दीन इराक़ी
कलाम
अनवर फ़र्रूख़ाबादी
अन्य परिणाम "jism-ba-jism"
सूफ़ी उद्धरण
जब पेट ख़ाली होता है, तो पूरा जिस्म रूह बन जाता है और जब पेट भरा होता है, तो पूरी रूह जिस्म बन जाती है।
सादी शीराज़ी
शे'र
जिस्म का रेशा रेशा मचले दर्द-ए-मोहब्बत फ़ाश करेइ’शक में 'काविश' ख़ामोशी तो सुख़नवरी से मुश्किल है
अब्दुल हादी काविश
बैत
क्यूँ रूह को ख़राब करें जिस्म के लिए
क्यूँ रूह को ख़राब करें जिस्म के लिएजाना है ये लिबास यहीं उतार कर
ज़ाहिद नियाज़ी
ग़ज़ल
दिल-ए-वहदत-तलब फ़ारिग़ ज़े-क़ैद-ए-जिस्म-ओ-जाँ होगाकि बैठक आ'शिक़ाँ दाएम ब-मुल्क-ए-ला-मकाँ होगा






