परिणाम "masnavi qiranussadeen ameer khusrau ebooks"
Tap the Advanced Search Filter button to refine your searches
'ख़ुसरौ' 'निजाम' के बल-बल जइएमोहे सुहागन कीन्हीं रे मोसे नैनाँ मिलाय के
'ख़ुसरौ' ब-कमंद-ए-तू असीरस्तबे-चार: कुजा रवद ज़ कूयत
Ameer Khusrau
सूफ़ीवाद / रहस्यवाद
Sufi Ameer Khusrau
सय्यद सबाहुद्दीन अब्दुर्रहमान
1992जीवनी
अमीर ख़ुसरो
शैख़ सलीम अहमद
1975सूफ़ीवाद / रहस्यवाद
Deewan-e-Kamil Ameer Khusro Dehlvi
1964शाइरी
Amir Khusrau Memorial Volume
अननोन ऑथर
1975
Amir Khusrau
मौलाना फ़ख़रुद्दीन अहमद
Ameer Khusru
वहीद मिर्ज़ा
1986सूफ़ीवाद / रहस्यवाद
Kulliyat-e-Hazrat Ameer Khusroo
हाजी मोहम्मद इसहाक़ ख़ाँ
1915शोध एवं समीक्षा
Ameer Khushro
Ameer Khusro
2006सूफ़ीवाद / रहस्यवाद
Hayat-e-Hazrat Ameer Khusro
नक़ी मोहम्मद ख़ान ख़ूरजवी
1956जीवनी
Sufi Ameer Khusro
1980सूफ़ीवाद / रहस्यवाद
Kulliyat-e-Hindavi Ameer Khusro
गोपी चंद नारंग
2017शाइरी
अली अब्बास हुसैनी
1968सूफ़ीवाद / रहस्यवाद
अमीर ख़ुसरो
सोहनपाल सुमनाछर
1990
ब-यक आमदन रुबूदी दिल-ओ-दीन-ओ-सब्र-ए-'ख़ुसरौ'चे शवद अगर ब-दीं-सा दो-सेह बार ख़्वाही आमद
'ख़ुसरौ' अज़ तू पनाह मी-जोयदऐ पनाह-ए-मन-ओ-पनाह-ए-हमः
बारे अंदेशः-ए-'खुसरौ' मी-कुनकि ब-हक़ जुम्लः जहान-ए-नमक अस्त
दर मुस्हफ़-ए-रू-ए-ऊ नज़र कुन'ख़ुसरौ' ग़ज़ल-ओ-किताब ताके
हलवाई और पायजामे में क्या निस्बत हैकंदा
कपड़े और दरिया में क्या निस्बत हैपाट
अँगरखे और पेड़ में क्या निस्बत हैकली
धूप लगे वो पैदा होय छाँव देख मुरझाएऐ री सखी मैं तुझ से पूछूँ हवा लगे मर जाए
गोटे और आफ़्ताब में क्या निस्बत हैकिरन
मकान और अनाज में क्या निस्बत हैकंगनी
आना-जाना उस का भाएजिस घर जाए लकड़ी खाए
चालीस मन की नार रखावे सूखी जैसी तीलीकहने को पर्दे की बेली पर वो रंग-रंगीली
Devoted to the preservation & promotion of Urdu
Urdu poetry, urdu shayari, shayari in urdu, poetry in urdu
A Trilingual Treasure of Urdu Words
World of Hindi language and literature
The best way to learn Urdu online
Best of Urdu & Hindi Books