आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "sham.a-saa.n"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "sham.a-saa.n"
फ़ारसी कलाम
दर वफ़ा-ए-'इश्क़-ए-तू मशहूर-ए-ख़ूबानम चु शम्अ'शब-नशीन-ए-कू-ए-सरबाज़ान-ओ-रिंदानम चु शम्अ'
हाफ़िज़
फ़ारसी सूफ़ी काव्य
रू-ए-तू शमा' अस्त-ओ-मा परवानः ऐमज़ुल्फ़-ए-तू ज़ंजीर-ओ-मा दीवानः ऐम
अहमद बल्ख़ी लंगर दरिया
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "sham.a-saa.n"
विशेष
संत वाणी
अन्य परिणाम "sham.a-saa.n"
कलाम
अव्वल-ए-शब वो बज़्म की रौनक़ शम्अ' भी थी परवाना भीरात के आख़िर होते होते ख़त्म था ये अफ़्साना भी
आरज़ू लखनवी
कलाम
नातिक़ लखनवी
ना'त-ओ-मनक़बत
वो शम्अ' उजाला जिस ने किया चालीस बरस तक ग़ारों मेंइक रोज़ झलकने वाली थी सब दुनिया के दरबारों में
ज़फ़र अली ख़ान
ग़ज़ल
ज़बान-ए-शम्अ' खुलती है न कुछ परवाना कहता हैमगर सारा ज़माना बज़्म का अफ़्साना कहता है

