आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "पेशकश"
सूफ़ी लेख के संबंधित परिणाम "पेशकश"
सूफ़ी लेख
जदीद क़व्वाली पर जोश मलीहाबादी, फ़िराक़ गोरखपूरी और कैफ़ी का असर
जोश, फ़िराक़ और कैफ़ी का अंदाज़-ए-पेशकश इतना जाज़िब-ओ-मक़बूल रहा कि 1948 के बा’द उभरने वाले उर्दू
अकमल हैदराबादी
सूफ़ी लेख
Sheikh Naseeruddin Chiragh-e-Dehli
चिश्तीया सिलसिले के सूफ़ियों के लिए राज दरबार वर्जित रहा था । शेख़ नसीरुद्दीन ने एक