आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "ameer khusro ki jamaliyat shakil ur rahman ebooks"
सूफ़ी लेख के संबंधित परिणाम "ameer khusro ki jamaliyat shakil ur rahman ebooks"
सूफ़ी लेख
अमीर खुसरौ को हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया की छूट
हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया की नज़र में अमीर ख़ुसरो का मे’यार-ए-दीनदारी इतना बुलंद न था कि वो
अकमल हैदराबादी
सूफ़ी लेख
क़व्वाली में तसव्वुफ़ की इबतिदा और ग़ैर मुस्लिमों की दिलचस्पी और नाअत की इबतिदा
तसव्वुफ़ एक ऐसा मौज़ू’ है जिसमें सारी ख़ल्क़ को ख़ालिक़ की जानिब रुजू’ होने का पैग़ाम
अकमल हैदराबादी
सूफ़ी लेख
समाअ और क़व्वाली की वजह तसमीया
क़ौल और कलबाना अमीर ख़ुसरौ के ईजाद-कर्दा दो ऐसे राग हैं जो अक़्साम-ए-क़व्वाली में शुमार किए
अकमल हैदराबादी
सूफ़ी लेख
ख़वातीन की क़व्वाली से दिलचस्पी और क़व्वाली में आशिक़ाना मज़ामीन की इबतिदा
हज़रत ग़ौस-ए-पाक की नियाज़ के साथ क़व्वाली की घरेलू महफ़िलों ने मुस्लिम ख़्वातीन में बे-हद मक़्बूलियत
अकमल हैदराबादी
सूफ़ी लेख
क़व्वाली ग्यारहवीं शरीफ़ और हज़रत ग़ौस पाक के चिल्लों पर
ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती के चिल्लों पर क़व्वाली के रिवाज और उसकी मक़्बूलियत के बाद हिन्दोस्तान में
अकमल हैदराबादी
सूफ़ी लेख
क़व्वाली के इब्तिदाई साज़, राग ताल और ठेके
क़व्वाली के इब्तिदाई साज़ों की तफ़्सील किसी एक मज़मून या किताब से दस्तयाब नहीं होती, अलबत्ता
अकमल हैदराबादी
सूफ़ी लेख
क़व्वाली के स्टेज प्रोग्राम और टिकट शो
फ़िल्मों की जगमगाहट के आगे थियटर का चराग़ जल न सका और स्टेज के जितने मक़बूल-ओ-बा-सलाहियत