परिणाम "chaaragar"
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क्या मर गया हूँ देख तो ऐ चारागर मुझेउन की ज़बाँ से मेरी वफ़ा का बयाँ है अब
ऐ चार-गर-ए-शौक़ कोई ऐसी दवा देजो दिल से हर इक ग़ैर की चाहत को भुला दे
दाग़-ए-दिल गर नज़र नहीं आताबू भी ऐ चारागर नहीं आती
फ़क़त नब्ज़ से हाल ज़ाहिर न होगामिरा दिल भी ऐ चारागर देख लेना
इन्ही ख़ुश-गुमानियों में कहीं जाँ से भी न जाओवो जो चारागर नहीं है उसे ज़ख़्म क्यूँ दिखाओ
जो रखे चारागर काफ़ूर-ए-दूनी आग लग जाएकहीं ये ज़ख़्म-ए-दिल शर्मिंदा-ए-मरहम भी होते हैं
तुझे फ़िक्र-ए-दरमाँ है चारागर मुझे दर्द अपना 'अज़ीज़ हैये निशानी दी है हबीब ने उसे कैसे दिल से जुदा करूँ
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