आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "davaa-e-dard-e-dil"
Kalaam के संबंधित परिणाम "davaa-e-dard-e-dil"
कलाम
सँभल ऐ दिल किसी का राज़ बे-पर्दा न हो जाएये दीवानों की महफ़िल है कोई रुस्वा न हो जाए
अमीर बख़्श साबरी
कलाम
शौक़ से ना-कामी की बदौलत कूचा-ए-दिल भी छूट गयासारी उमीदें टूट गईं दिल बैठ गया जी छूट गया
फ़ानी बदायूँनी
कलाम
सुने कौन क़िस्सा-ए-दर्द-ए-दिल मेरा ग़म-गुसार चला गयाजिसे आश्नाओं का पास था वो वफ़ा-शि’आर चला गया
पीर नसीरुद्दीन नसीर
कलाम
वही आबले हैं वही जलन कोई सोज़-ए-दिल में कमी नहींजो लगा के आग गए हो तुम वो लगी हुई है बुझी नहीं
फ़ना निज़ामी कानपुरी
कलाम
'अक़्ल का हुक्म है उधर तू न जाना ऐ दिल'इश्क़ कहता है कि फिर वाँ से न आना ऐ दिल
शाह तुराब अली क़लंदर
कलाम
ऐ दिल-ए-पुर-सुरूर-ए-मन नाज़ न बन नियाज़ बनसाक़ी-ए-मस्त-ए-नाज़ की आँखों में सरफ़राज़ बन