आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "dil e wahshi ibn e insha ebooks"
Kalaam के संबंधित परिणाम "dil e wahshi ibn e insha ebooks"
कलाम
दिल ने हमारे बैठे-बैठे कैसे-कैसे रोग लगाएतुम ने किसी का नाम लिया और आँखों में अपनी आँसू आए
इब्न-ए-इंशा
कलाम
ऐ दिल-ए-पुर-सुरूर-ए-मन नाज़ न बन नियाज़ बनसाक़ी-ए-मस्त-ए-नाज़ की आँखों में सरफ़राज़ बन
शाह मोहसिन दानापुरी
कलाम
जो अहल-ए-दिल हैं वो हर दिल को अपना दिल समझते हैंमक़ाम-ए-'इश्क़ में हर गाम को मंज़िल समझते हैं
अमीर बख़्श साबरी
कलाम
तुरफ़ा क़ुरैशी
कलाम
लरज़ता है मिरा दिल ज़हमत-ए-मेहर-ए-दरख़्शाँ परमैं हूँ वो क़तरा-ए-शबनम कि हो ख़ार-ए-बयाबाँ पर