आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "farz"
Kalaam के संबंधित परिणाम "farz"
कलाम
कभी का'बे में पाता हूँ कभी बुत-ख़ाने के अंदरलगा के तुझ से दिल फिरता हूँ मारा-मारा मैं दर-दर
फ़राज़ वारसी
कलाम
जिस घड़ी यादों में तेरी यार खो जाता हूँ मैंफिर तो हर जा पर तुझी को जल्वा-गर पाता हूँ मैं
फ़राज़ वारसी
कलाम
फ़राज़ वारसी
कलाम
इन्ही ख़ुश-गुमानियों में कहीं जाँ से भी न जाओवो जो चारागर नहीं है उसे ज़ख़्म क्यूँ दिखाओ
अहमद फ़राज़
कलाम
न सवाल है तख़्त-ओ-ताज का न क़सम से ज़र का ख़याल हैमिरे चारा-गर मिरे मेहरबाँ तिरे एक का सवाल है
फ़राज़ वारसी
कलाम
बहकना भूल जाना फ़र्ज़ था आदम-ओ-हव्वा काउसी ग़फ़लत वो नादानी पे क़ुदरत मुस्कुराती थी