आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "shayari ke naye mod laxmi chand jain m a ebooks"
Kalaam के संबंधित परिणाम "shayari ke naye mod laxmi chand jain m a ebooks"
कलाम
ये कैसे बाल बिखरे हैं बनी सूरत है क्यूँ ग़म कीख़बर पाई है बतलाओ तो किस दुश्मन के मातम की
एम. एस. जौहर
कलाम
आशिक़ पढ़न नमाज़ पिरम दी जैं विच हरफ़ न कोई हूजेहा केहा नीत न सक्के उथ दर्दमंद दिल ढोई हू
सुल्तान बाहू
कलाम
मदीने की ज़मीं के गर न लाएक़ हो मिरा लाशाकिसी सहरा में वाँ के तो'मा हूँ मैं दाम और दद का
करामत अली शहीदी
कलाम
घिर-घिर के बादल आते हैं और बे-बरसे खुल जाते हैंउम्मीदों की झूटी दुनिया में सूखी बरसातें होती हैं
आरज़ू लखनवी
कलाम
हम तो हैं परदेस में देस में निकला होगा चाँदअपनी रात की छत पर कितना तन्हा होगा चाँद