आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "zikr-e-tasavvuf"
Kalaam के संबंधित परिणाम "zikr-e-tasavvuf"
कलाम
उस का ज़िक्र है जारी हर एक साँस के अंदरये मसअला अब तो पहचानूँ क्या हो जिस्म के अंदर
डा. इरशाद बल्ख़ी
कलाम
चढ़ चनना ते कर रौशनाई ज़िकर करेंदे तारे हूगलियाँ दे विच फिरन निमाणे लालाँ दे वणजारे हू
सुल्तान बाहू
कलाम
सहर उस हुस्न के ख़ुर्शीद को जाकर जगा देखाज़ुहूर-ए-हक़ कूँ देखा ख़ूब देखा बा-ज़िया देखा
मिर्ज़ा मज़हर जान-ए-जानाँ
कलाम
बीत गया हंगाम-ए-क़यामत रोज़-ए-क़यामत आज भी हैतर्क-ए-तअल्लुक़ काम न आया उन से मोहब्बत आज भी है
शकील बदायूँनी
कलाम
अल्लामा इक़बाल
कलाम
ऐ हज़रत-ए-मुश्किल-कुशा या बुल-हसन या मुर्तज़ातुम हो वली ज़ात-ए-ख़ुदा नाएब-ए-मोहम्मद मुस्तफ़ा
फ़क़ीर क़ादरी
कलाम
ऐ दिल-ए-पुर-सुरूर-ए-मन नाज़ न बन नियाज़ बनसाक़ी-ए-मस्त-ए-नाज़ की आँखों में सरफ़राज़ बन