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बिहार की लोकप्रिय क़व्वालियाँ

बिहार की लोकप्रिय क़

व्वालियाँ

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उस के चेहरे पे ख़ुदा जाने ये कैसा नूर था

ख़्वाजा रुक्नुद्दीन इश्क़

वो मसीहा होने का दा'वा करे

शाह अकबर दानापूरी

माटी के पुतले तुझे कितना गुमान है

क़ैसर सिद्दीक़ी समस्तीपुरी

आईना सामने रख कर ये तमाशा देखा

शाह मोहसिन दानापुरी

अपनी जन्नत को ख़ुदा के लिए दोज़ख़ न बना

क़ैसर सिद्दीक़ी समस्तीपुरी

जमाल-ए-यार हर सू जल्वा-गर है

शाह मोहसिन दानापुरी

भलाई कर भला होगा बुराई कर बुरा होगा

क़ैसर सिद्दीक़ी समस्तीपुरी

गुनाहों से करो तौबा क़यामत आने वाली है

क़ैसर सिद्दीक़ी समस्तीपुरी

माटी की काया को एक दिन माटी में मिल जाना है

क़ैसर सिद्दीक़ी समस्तीपुरी

चश्म में ख़ल्क़ की गो मिस्ल-ए-हबाब आता हूँ

ख़्वाजा रुक्नुद्दीन इश्क़

टुक साथ हो हसरत दिल-ए-मरहूम से निकले

मिर्ज़ा मोहम्मद अली फ़िदवी
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