Sufinama

होली

होली पर सूफ़ी संतों के प्रचलित कलाम सूफ़ीनामा में पढ़िए

1735 -1830

अग्रणी शायर जिन्होंने भारतीय संस्कृति और त्योहारों पर नज्में लिखीं। होली, दीवाली, श्रीकृष्ण पर नज़्मों के लिए मशहूर

हाजी वारिस अ’ली शाह के मुरीद और ख़ादिम-ए-ख़ास

1660 -1729

ख़ानक़ाह-ए-बरकातिया, मारहरा के बानी और मा’रूफ़ सूफ़ी

हाजी वारिस अ’ली शाह के मुरीद और फ़ारसी के क़ादिरुल-कलाम शाइ’र

1843 -1909

बिहार के महान सुफ़ी कवी

1875 -1951

स्वतंत्रता सेनानी और संविधान सभा के सदस्य। ' इंक़िलाब ज़िन्दाबाद ' का नारा दिया। कृष्ण भक्त , अपनी ग़ज़ल ' चुपके चुपके, रात दिन आँसू बहाना याद है ' के लिए प्रसिद्ध