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लखनऊ के शायर और अदीब

कुल: 101

हसरत मोहानी के उस्ताद-ए-मोहतरम

रामायण, भगवत गीता, और दूसरे बहुत से मज़हबी व ग़ैर मज़हबी पाठों का छन्दोबद्ध व गयात्मक अनुवाद करने के लिए प्रसिद्ध

बोलिए