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शायर और अदीब

कुल: 2866

अनल-हक़ का ना’रा लगाने वाला एक शहीद-ए-हक़ सूफ़ी

मशहूर अफ़्साना निगार और नॉवेल निगार, हिन्दुस्तान में साम्प्रदायिक दंगों के परिप्रेक्ष्य में कहनियाँ और उपन्यास लेखन के लिए जाने जाते हैं।

ठुमरियाँ कहने वाला एक हैदराबादी शाइ’र

सिलसिला-ए-वारसिया से अ’क़ीदत रखने वाला शाइ'र

अ’ज़ीमाबाद के मुहक़्क़िक़

मख़दूमा अमिर जान पुस्तकालय, नराली के संरक्षक और उपमहाद्वीप के प्रख्यात शोधकर्ता

हाजी वारिस अ’ली शाह के मुरीद और अ’र्श गयावी के शागिर्द

तरक़्क़ी -ए-उर्दू (चाटगाम) के सद्र

हसरती

1806 - 1869

स्वतंत्रता सेनानी और संविधान सभा के सदस्य। ' इंक़िलाब ज़िन्दाबाद ' का नारा दिया। कृष्ण भक्त , अपनी ग़ज़ल ' चुपके चुपके, रात दिन आँसू बहाना याद है ' के लिए प्रसिद्ध

सूफ़ी शाइ’र के तौर पर जाने जाते हैं

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