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ना’रा-ए-मौला 'अली-ए-मुर्तज़ा कुछ और है

असद कर्बलाई

ना’रा-ए-मौला 'अली-ए-मुर्तज़ा कुछ और है

असद कर्बलाई

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    रोचक तथ्य

    منقبت درشان حضرت مولیٰ علی (نجف-ایران)

    ना’रा-ए-मौला 'अली-ए-मुर्तज़ा कुछ और है

    लाख हों मुश्किल मिरा मुश्किल-कुशा कुछ और है

    बद से बद-तर थे हुए हैं और रहेंगे हश्र तक

    दुश्मन-ए-आल-ए-'अली की ये सज़ा कुछ और है

    जब पुकारा या-'अली फ़ौरन मदद को गए

    हम को मुश्किल में भी मुश्किल का मज़ा कुछ और है

    जंग-ए-ख़ैबर में 'अली बीमार थे फिर क्या हुआ

    इब्तिदा कुछ और थी पर इंतिहा कुछ और है

    हैं हज़ारों नामवर शमशीर दुनिया में मगर

    ज़ुल्फ़िक़ार-ए-हैदरी का दबदबा कुछ और है

    अफ़्ज़ल-ओ-'आला हैं मंसब कुल सहाबा के मगर

    ख़ुम के मिम्बर पर 'अली का मर्तबा कुछ और है

    ज़िक्र-ए-ख़ुम में हो रही है बारिश-ए-रहमत ‘असद’

    ऐसी बारिश में मज़ा हर बूँद का कुछ और है

    स्रोत :
    • पुस्तक : Sukhanwaran-e-Izzat (पृष्ठ 442)

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