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अल्लाह से क्या प्यार है 'उस्मान-ए-ग़नी का

हसन रज़ा बरेलवी

अल्लाह से क्या प्यार है 'उस्मान-ए-ग़नी का

हसन रज़ा बरेलवी

MORE BYहसन रज़ा बरेलवी

    रोचक तथ्य

    منقبت در شان حضرت عثمان غنی (مدینہ-سعودی عرب)

    अल्लाह से क्या प्यार है 'उस्मान-ए-ग़नी का

    महबूब-ए-ख़ुदा यार है 'उस्मान-ए-ग़नी का

    रंगीन वो रुख़्सार है 'उस्मान-ए-ग़नी का

    बुलबुल गुल-ए-गुलज़ार है 'उस्मान-ए-ग़नी का

    गर्मी पे ये बाज़ार है 'उस्मान-ए-ग़नी का

    अल्लाह ख़रीदार है 'उस्मान-ए-ग़नी का

    क्या ला'ल-ए-शकर-बार है 'उस्मान-ए-ग़नी का

    क़ंद एक नमक-ख़्वार है 'उस्मान-ए-ग़नी का

    सरकार 'अता-पाश है 'उस्मान-ए-ग़नी की

    दरबार दुर-बार है 'उस्मान-ए-ग़नी का

    दिल-सोख़्त-ओ-हिम्मत-ए-जिगर अब होते हैं ठंडे

    वो साया-ए-दीवार है 'उस्मान-ए-ग़नी का

    जो दिल को ज़िया दे जो मुक़द्दर को जिला दे

    वो जल्वा-ए-दीदार है 'उस्मान-ए-ग़नी का

    जिस आईना में नूर-ए-इलाही नज़र आए

    वो आईना-ए-रुख़्सार है 'उस्मान-ए-ग़नी का

    सरकार से पाएँगे मुरादों पे मुरादें

    दरबार ये दरबार है 'उस्मान-ए-ग़नी का

    बीमार है जिस को नहीं आज़ार-ए-मोहब्बत

    अच्छा है जो बीमार है 'उस्मान-ए-ग़नी का

    अल्लाह-ग़नी हद नहीं इन’आम-ओ-’अता की

    वो फ़ैज़ पे दरबार है 'उस्मान-ए-ग़नी का

    रुक जाएँ मिरे काम 'हसन' हो नहीं सकता

    फ़ैज़ान-ए-मदद है ग़नी 'उस्मान-ए-ग़नी का

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