क्या सितम थे कर्बला में जो न उन पर हो गए
रोचक तथ्य
شہیدی۔
क्या सितम थे कर्बला में जो न उन पर हो गए
घर दिलों में करने वाले घर से बे-घर हो गए
दुश्मनों के सर कुचल डालेंगे ज़ैनब के पिसर
अब तो ये मा'सूम भी आपे से बाहर हो गए
’उज़्र-ए-बै'अत पर यज़ीदियत तड़प कर रह गई
तीर दिल में चुभ गए पैवस्त ख़ंजर हो गए
'ऐश की जागीर किस के हाथ आई मुस्तक़िल
वो बहुत अच्छे रहे जो ग़म के ख़ूगर हो गए
यूँ बहन ने भाई के ग़म की सुनाई दास्ताँ
दाग़ दिल के ग़ैरत-ए-माह-ए-मुनव्वर हो गए
यूँ तो हुर इब्न-ए-'अली के दर पय-ए-आज़ार थे
या अभी ख़िदमत में आए और निछावर हो गए
महव-ए-हैरत थी ज़मीं और दम-ब-ख़ुद था आसमाँ
लश्कर-ए-जर्रार पर हावी बहत्तर हो गए
शाह के काम आए मैदाँ में बहत्तर जाँ-निसार
ख़ुल्द के वारिस बहत्तर के बहत्तर हो गए
जो गुज़रती है ग़म-ए-शब्बीर में कहते हैं हम
लोग कहते हैं कि 'क़ैसर' भी सुख़न-वर हो गए
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