Sufinama

bashad aan roze ki binam gham-gusar-e-KHwesh ra

Amir Khusrau

bashad aan roze ki binam gham-gusar-e-KHwesh ra

Amir Khusrau

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    INTERESTING FACT

    Translation: Amara Ali

    bāshad aañ roze bīnam ġham-gusār-e-ḳhvesh

    shādmāñ yābam dil-e-ummīdvār-e-ḳhvesh

    वो दिन आए जब मैं अपने ग़म-गुसार को देखूँ अपने दिल-ए-उम्मिदवार को ख़ुश देखूँ

    shud do-chashm ze-intizārash chaar dar rāh-e-ummīd

    chaar jānib vaqf kardam har chahār-e-ḳhvesh

    मेरी दोनों आँखें उसके इंतिज़ार के रस्ते में चार हो गई हैं. अब मैं ने चारों को चारों तरफ़ इंतिज़ार में लगा दिया है.

    shāyad ar bar ḳhaak ḳhuspam ham-chū gul pur-ḳhūñ kanār

    kaz chunāñ sarvey tihī kardam kanār-e-ḳhvesh

    मैं अब इस चीज़ का सज़ा-वार हूँ को फूल की तरह ख़ाक पर प‌ड़ा रहूँ क्योंकि मैं ने अपना पहलू उस जैसे सर्व से ख़ाली कर लिया है.

    ḳhaak mī-bezam ba-dāmāñ chuuñ kunam gum-karda-am

    darmiyān-e-ḳhāk durr-e-ābdār-e-ḳhvesh

    मैं अपने दामन से ख़ाक छान रहा हूँ क्या करूँ मैं ने मिट्टी में अपना क़ीमती मोती गुम कर दिया है.

    mast gashtī chuuñ turā paimāna pur daada ast dost

    ḳhez va ba-sitāñ sāġhar va ba-shikan ḳhummar-e-ḳhvesh

    दोस्तने तुम्हें भरा हुआ पैमाना दिया है. तो तुम मस्त हो गए हो उठो जाम लो और अपनी ख़ुमार की कैफ़ियत ख़त्म करो.

    mī-na-pursad gar ġhubāre dārad aañ ḳhāke ze-man

    ba-āb-e-dīda ba-nishānam ġhubār-e-ḳhvesh

    उस ख़ाक पर मुझ से गर्द-ओ-ग़ुबार उतरता है वो नहीं पूछता ताकि मैं अपना ग़ुबार अपनी आँखों में बसा लूँ.

    bashad aan roze ki binam gham-gusar-e-KHwesh ra

    shadman yabam dil-e-ummidwar-e-KHwesh ra

    वो दिन आए जब मैं अपने ग़म-गुसार को देखूँ अपने दिल-ए-उम्मिदवार को ख़ुश देखूँ

    shud do-chashm ze-intizarash chaar dar rah-e-ummid

    chaar jaanib waqf kardam har chahaar-e-KHwesh ra

    मेरी दोनों आँखें उसके इंतिज़ार के रस्ते में चार हो गई हैं. अब मैं ने चारों को चारों तरफ़ इंतिज़ार में लगा दिया है.

    shayad ar bar KHak KHuspam ham-chu gul pur-KHun kanar

    kaz chunan sarwey tihi kardam kanar-e-KHwesh ra

    मैं अब इस चीज़ का सज़ा-वार हूँ को फूल की तरह ख़ाक पर प‌ड़ा रहूँ क्योंकि मैं ने अपना पहलू उस जैसे सर्व से ख़ाली कर लिया है.

    KHak mi-bezam ba-daman chun kunam gum-karda-am

    darmiyan-e-KHak durr-e-abdar-e-KHwesh ra

    मैं अपने दामन से ख़ाक छान रहा हूँ क्या करूँ मैं ने मिट्टी में अपना क़ीमती मोती गुम कर दिया है.

    mast gashti chun tura paimana pur dada ast dost

    KHez wa ba-sitan saghar wa ba-shikan KHummar-e-KHwesh ra

    दोस्तने तुम्हें भरा हुआ पैमाना दिया है. तो तुम मस्त हो गए हो उठो जाम लो और अपनी ख़ुमार की कैफ़ियत ख़त्म करो.

    mi-na-pursad gar ghubare darad aan KHake ze-man

    ta ba-ab-e-dida ba-nishanam ghubar-e-KHwesh ra

    उस ख़ाक पर मुझ से गर्द-ओ-ग़ुबार उतरता है वो नहीं पूछता ताकि मैं अपना ग़ुबार अपनी आँखों में बसा लूँ.

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