Sufinama
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Baba Kinaram

Saakhi of Baba Kinaram

अनुभव सोई जानिये, जो नित रहै बिचार।

राम किना सत शब्द गहि, उतर जाय भौपार।।

चाह चमारी चहड़ी, सब नीचन ते नीच।

तूं तो पूरन ब्रह्म था, चाहन होती बीच।।

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI