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हसद की दो क़िस्में हैं - पहली हसद, जो इंसान की इंसान के लिए हसद है और दूसरी इलाही हसद, जो दिलों के लिए है। इलाही हसद इंसान की साँसों के लिए है, ताकि इंसान ख़ुदा के सिवा किसी और के लिए एक भी साँस ज़ाया न करे।

अबू बक्र शिबली

हसद की दो क़िस्में हैं - पहली हसद, जो इंसान की इंसान के लिए हसद है और दूसरी इलाही हसद, जो दिलों के लिए है। इलाही हसद इंसान की साँसों के लिए है, ताकि इंसान ख़ुदा के सिवा किसी और के लिए एक भी साँस ज़ाया न करे।

अबू बक्र शिबली

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    हसद की दो क़िस्में हैं - पहली हसद, जो इंसान की इंसान के लिए हसद है और दूसरी इलाही हसद, जो दिलों के लिए है। इलाही हसद इंसान की साँसों के लिए है, ताकि इंसान ख़ुदा के सिवा किसी और के लिए एक भी साँस ज़ाया करे।

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