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अगर किसी को थोड़ा खाने की आदत है, तो वो सख़्ती के दिन आसानी से गुज़ार सकता है और अगर उसे ख़ुशहाली के दिनों में अपना पेट भरना हो, तो वो ज़्यादा ग़रीबी से मरता है।

सादी शीराज़ी

अगर किसी को थोड़ा खाने की आदत है, तो वो सख़्ती के दिन आसानी से गुज़ार सकता है और अगर उसे ख़ुशहाली के दिनों में अपना पेट भरना हो, तो वो ज़्यादा ग़रीबी से मरता है।

सादी शीराज़ी

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    अगर किसी को थोड़ा खाने की आदत है, तो वो सख़्ती के दिन आसानी से गुज़ार सकता है और अगर उसे ख़ुशहाली के दिनों में अपना पेट भरना हो, तो वो ज़्यादा ग़रीबी से मरता है।

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