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या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका

अकबर वारसी मेरठी

या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका

अकबर वारसी मेरठी

MORE BYअकबर वारसी मेरठी

    रोचक तथ्य

    درود و سلام بوقتِ قیام۔

    या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका

    या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका

    फ़ख़्र-ए-आदम फ़ख़्र-ए-हव्वा

    फ़ख़्र-ए-नूह-ओ-फ़ख़्र-ए-यहया

    फ़ख़्र-ए-इब्राहीम-ओ-मूसा

    फ़ख़्र-ए-इस्मा'ईल-ओ-'ईसा

    या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका

    या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका

    रहमतों के ताज वाले

    दो जहाँ के राज वाले

    'अर्श के मे'राज वाले

    'आसियों के लाज वाले

    या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका

    या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका

    है ये हसरत दर पे आएँ

    अश्क के दरिया बहाएँ

    दाग़ सीने के दिखाएँ

    सामने हो कर सुनाएँ

    या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका

    या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका

    पूरी या-रब ये दु'आ हो

    हम दर-ए-मौला पे जा कर

    पहले कुछ ने'मतें सुना कर

    ये पढ़ें सर को झुका कर

    या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका

    या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका

    बख़्श दो जो चीज़ चाहो

    क्यूँ-कि महबूब-ए-ख़ुदा हो

    अब तो बाब-ए-जू दवा हो

    हाँ जवाब इस का 'अता हो

    या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका

    या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका

    रंज-ओ-ग़म खाए हुए हैं

    दूर से आए हुए हैं

    तुम पे इतराए हुए हैं

    हाथ फैलाए हुए हैं

    या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका

    या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका

    जान कर काफ़ी सहारा

    ले लिया है दर तुम्हारा

    ख़ल्क़ के वारिस ख़ुदा-रा

    लो सलाम अब तो हमारा

    या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका

    या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका

    हाँ ये पूरा मुद्द'आ हो

    हम हों दरबार-ए-ख़ुदा हो

    तुम अधर जल्वा-नुमा हो

    इस तरफ़ से ये सदा हो

    या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका

    या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका

    'अकबर'-ए-शैदा तुम्हार

    फिर रहा है मारा-मारा

    जा-ब-जा तुम को पुकारा

    इस की अब सुन लो ख़ुदा-रा

    या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका

    या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका

    ’आशिक़-ए-माइल की सुन लो

    या-नबी महफ़िल की सुन लो

    साम’ईन-ए-दिल की सुन लो

    ‘अकबर’-ए-बिस्मिल की सुन लो

    या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका

    या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका

    रहनुमा-ए-दो-जहाँ हैं

    पेशवा-ए-मुर्सलाँ हैं

    या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका

    या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका

    नूर-ए-रब्बुल-'आलमीं हो

    जल्वा-ए-हक़्क़-उल-यक़ीं हो

    सरवर-ए-दुनिया-ओ-दीं हो

    दिल में आँखों में मकीं हो

    या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका

    या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका

    बादशाह-ए-अंबिया हो

    नूर-ए-ज़ात-ए-किब्रिया हो

    हामी-ए-रोज़-ए-जज़ा हो

    ख़ल्क़ के मुश्किल-कुशा हो

    या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका

    या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका

    ’अर्श-ए-आ’ज़म पर तुम्हीं हो

    ख़ल्क़ के रहबर तुम्हीं हो

    साक़ी-ए-कौसर तुम्हीं हो

    शाफ़े'-ए-महशर तुम्हीं हो

    या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका

    या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका

    क़ाबिल-ए-मदह-ओ-सना हो

    जो लिखूँ उस से सिवा हो

    आप की तौसीफ़ क्या हो

    या'नी महबूब-ए-ख़ुदा हो

    या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका

    या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका

    दूर है ग़म का किनारा

    सरवर-ए-'आलम ख़ुदा-रा

    दीजिए जल्दी सहारा

    पार हो बेड़ा हमारा

    या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका

    या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका

    मेरे मौला मरे सरवर

    है यही अरमान-ए-‘अकबर’

    पहले क़दमों पे रखे सर

    फिर कहे ये सर उठा कर

    या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका

    या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका

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