या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका
रोचक तथ्य
درود و سلام بوقتِ قیام۔
या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका
या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका
फ़ख़्र-ए-आदम फ़ख़्र-ए-हव्वा
फ़ख़्र-ए-नूह-ओ-फ़ख़्र-ए-यहया
फ़ख़्र-ए-इब्राहीम-ओ-मूसा
फ़ख़्र-ए-इस्मा'ईल-ओ-'ईसा
या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका
या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका
रहमतों के ताज वाले
दो जहाँ के राज वाले
'अर्श के मे'राज वाले
'आसियों के लाज वाले
या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका
या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका
है ये हसरत दर पे आएँ
अश्क के दरिया बहाएँ
दाग़ सीने के दिखाएँ
सामने हो कर सुनाएँ
या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका
या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका
पूरी या-रब ये दु'आ हो
हम दर-ए-मौला पे जा कर
पहले कुछ ने'मतें सुना कर
ये पढ़ें सर को झुका कर
या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका
या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका
बख़्श दो जो चीज़ चाहो
क्यूँ-कि महबूब-ए-ख़ुदा हो
अब तो बाब-ए-जू दवा हो
हाँ जवाब इस का 'अता हो
या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका
या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका
रंज-ओ-ग़म खाए हुए हैं
दूर से आए हुए हैं
तुम पे इतराए हुए हैं
हाथ फैलाए हुए हैं
या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका
या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका
जान कर काफ़ी सहारा
ले लिया है दर तुम्हारा
ख़ल्क़ के वारिस ख़ुदा-रा
लो सलाम अब तो हमारा
या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका
या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका
हाँ ये पूरा मुद्द'आ हो
हम हों दरबार-ए-ख़ुदा हो
तुम अधर जल्वा-नुमा हो
इस तरफ़ से ये सदा हो
या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका
या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका
'अकबर'-ए-शैदा तुम्हार
फिर रहा है मारा-मारा
जा-ब-जा तुम को पुकारा
इस की अब सुन लो ख़ुदा-रा
या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका
या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका
’आशिक़-ए-माइल की सुन लो
या-नबी महफ़िल की सुन लो
साम’ईन-ए-दिल की सुन लो
‘अकबर’-ए-बिस्मिल की सुन लो
या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका
या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका
रहनुमा-ए-दो-जहाँ हैं
पेशवा-ए-मुर्सलाँ हैं
या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका
या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका
नूर-ए-रब्बुल-'आलमीं हो
जल्वा-ए-हक़्क़-उल-यक़ीं हो
सरवर-ए-दुनिया-ओ-दीं हो
दिल में आँखों में मकीं हो
या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका
या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका
बादशाह-ए-अंबिया हो
नूर-ए-ज़ात-ए-किब्रिया हो
हामी-ए-रोज़-ए-जज़ा हो
ख़ल्क़ के मुश्किल-कुशा हो
या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका
या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका
’अर्श-ए-आ’ज़म पर तुम्हीं हो
ख़ल्क़ के रहबर तुम्हीं हो
साक़ी-ए-कौसर तुम्हीं हो
शाफ़े'-ए-महशर तुम्हीं हो
या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका
या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका
क़ाबिल-ए-मदह-ओ-सना हो
जो लिखूँ उस से सिवा हो
आप की तौसीफ़ क्या हो
या'नी महबूब-ए-ख़ुदा हो
या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका
या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका
दूर है ग़म का किनारा
सरवर-ए-'आलम ख़ुदा-रा
दीजिए जल्दी सहारा
पार हो बेड़ा हमारा
या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका
या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका
मेरे मौला मरे सरवर
है यही अरमान-ए-‘अकबर’
पहले क़दमों पे रखे सर
फिर कहे ये सर उठा कर
या-नबी सलाम 'अलैका या-रसूल सलाम 'अलैका
या-हबीब सलाम 'अलैका सलवातुल्लाहि 'अलैका
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