अस्सलाम ऐ रहरव-ए-राह-ए-मोहब्बत अस्सलाम
अस्सलाम ऐ रहरव-ए-राह-ए-मोहब्बत अस्सलाम
अस्सलाम ऐ जल्वा-ए-हुस्न-ए-’अक़ीदत अस्सलाम
अस्सलाम ऐ ख़ासा-ए-ख़ासान-ए-तस्लीम-ओ-रज़ा
ऐ वफ़ा-केशी में तू शहकार-ए-फ़ितरत अस्सलाम
अस्सलाम ऐ फ़ित्ना-ए-तूफ़ाँ की नब्ज़-ए-पुर-सुकूँ
शोरिश-ए-इल्हाद में रूह-ए-स’आदत अस्सलाम
ज़ुल्मत-ए-कुफ़्र-ओ-इबा में शम'-ए-ईमान-ओ-यक़ीं
कसरत-ए-मक्र-ओ-दज्ल में नूर-ए-वहदत अस्सलाम
मह्शर-ए-किज़्ब-ओ-रिया में परतव-ए-’अदल-ए-इलाह
मह्ज़र-ए-सिदक़-ओ-सफ़ा की मोहर-ए-हुर्मत अस्सलाम
अस्सलाम ऐ नाज़-ए-'अब्दियत के नक़्श-ए-मुतमइन
नग़्मा-ए-मसरूर साज़-ए-ख़ालक़िय्यत अस्सलाम
अस्सलाम ऐ ज़िंदा-दार-ए-सुन्नत-ए-इब्न-ए-ख़लील
ऐ ’अलम-बरदार-ए-फ़रमान-ए-नुबुव्वत अस्सलाम
यूँही उल्टे जा बिसात-ए-बज़्म-ए-असनाम-ए-क़दीम
ऐ हनीफ़-ए-अव्वलीं के नक़्श-ए-क़ुदरत अस्सलाम
ताज़ा कर दे अज़-सर-ए-नौ मुझ़्दा-ए-ज़ब्ह-ए-’अज़ीम
ऐ ज़बीहुल्लाह के शौक़-ए-शहादत अस्सलाम
- पुस्तक : गुलदस्त-ए-नात (पृष्ठ 121)
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