Font by Mehr Nastaliq Web

आप हैं महबूब-ए-’आलम

अशरफ़ी

आप हैं महबूब-ए-’आलम

अशरफ़ी

MORE BYअशरफ़ी

    आप हैं महबूब-ए-’आलम

    मज़हर-ए-रहमत मुजस्सम

    आप पर क़ुर्बान हैं हम

    विर्द रखते हैं ये हर दम

    या नबी सलाम 'अलैका

    या रसूल सलाम 'अलैका

    या हबीब सलाम 'अलैका

    सलवातुल्लाहि 'अलैका

    शहंशाह-ए-दो-’आलम

    सय्यद-ए-औलाद-ए-आदम

    मा’दन-ए-रहमत तरह्हुम

    आप के कहलाते हैं हम

    या नबी सलाम 'अलैका

    या रसूल सलाम 'अलैका

    या हबीब सलाम 'अलैका

    सलवातुल्लाहि 'अलैका

    दस्तगीर-ए-बे-नवा हो

    हामी-ए-बे-दस्त-ओ-पा हो

    शाफ़े’-ए-रोज़-ए-जज़ा हो

    मज़हर-ए-शान-ए-ख़ुदा हो

    या नबी सलाम 'अलैका

    या रसूल सलाम 'अलैका

    या हबीब सलाम 'अलैका

    सलवातुल्लाहि 'अलैका

    मरहम-ए-दिल ख़स्तगाँ हो

    चारा-ए-बे-चारगाँ हो

    दावर-ए-दर्द-ए-निहाँ हो

    हर मुसीबत से अमाँ हो

    या नबी सलाम 'अलैका

    या रसूल सलाम 'अलैका

    या हबीब सलाम 'अलैका

    सलवातुल्लाहि 'अलैका

    'अशरफ़ी' मिस्कीं तुम्हारा

    कर के दुनिया से किनारा

    रखता है तुम से सहारा

    लो ख़बर जल्दी ख़ुदा-रा

    या नबी सलाम 'अलैका

    या रसूल सलाम 'अलैका

    या हबीब सलाम 'अलैका

    सलवातुल्लाहि 'अलैका

    स्रोत :

    Additional information available

    Click on the INTERESTING button to view additional information associated with this sher.

    OKAY

    About this sher

    Close

    rare Unpublished content

    This ghazal contains ashaar not published in the public domain. These are marked by a red line on the left.

    OKAY
    बोलिए