अस्सलाम ऐ शाह-ए-मुस्लिम वारिस-ए-ज़ेर-ए-क़िसा
रोचक तथ्य
منقبت در شانِ حضرت سید محمد مسلم (بکوا-گونڈہ)
अस्सलाम ऐ शाह-ए-मुस्लिम वारिस-ए-ज़ेर-ए-क़िसा
मेरे मुर्शिद मेरे रहबर हज़रत-ए-मुस्लिम पिया
आप औलाद-ए-'अली हैं आप आल-ए-मुस्तफ़ा
वारिस-ए-’इल्म-ए-पयम्बर दिलबर-ए-शेर-ए-ख़ुदा
आप के बाबा हुसैन इब्न-ए-'अली मुश्किल-कुशा
हो ग़ुलामों पे करम की यक नज़र कुन पीर-ए-मा
अस्सलाम ऐ शाह-ए-मुस्लिम वारिस-ए-ज़ेर-ए-क़िसा
मेरे मुर्शिद मेरे रहबर हज़रत-ए-मुस्लिम पिया
आप के दर से शरी'अत और तरीक़त है मिली
मा’रिफ़त-ए-नूर-ए-बसीरत आप के दर से मिली
नाएब-ए-ख़ैरुल-वरा हैं वारिस-ए-ने’मत 'अली
इक नज़र बर सू-ए-मा ऐ दस्तगीर ऐ रहनुमा
अस्सलाम ऐ शाह-ए-मुस्लिम वारिस-ए-ज़ेर-ए-क़िसा
मेरे मुर्शिद मेरे रहबर हज़रत-ए-मुस्लिम पिया
आप के नाना मोहम्मद मुस्तफ़ा ख़ैर-उल-वरा
जद्द-ए-अमजद आप के मौला 'अली मुश्किल-कुशा
नूर वाला तेरा शजरा है मेरे मुस्लिम पिया
निस्बतों की भीक दो मंगतों का कर दो अब भला
अस्सलाम ऐ शाह-ए-मुस्लिम वारिस-ए-ज़ेर-ए-क़िसा
मेरे मुर्शिद मेरे रहबर हज़रत-ए-मुस्लिम पिया
ऐ ख़ुदा है वास्ता तुझ को शह-ए-अबरार का
सय्यदा की चादर-ए-ततहीर पुर-अनवार का
हैदर-ओ-हसनैन के मख़्दूम के किर्दार का
ने’मतियों को हर एक रंज-ओ-मुसीबत से बचा
अस्सलाम ऐ शाह-ए-मुस्लिम वारिस-ए-ज़ेर-ए-क़िसा
मेरे मुर्शिद मेरे रहबर हज़रत-ए-मुस्लिम पिया
आप के दिलबर 'अली अहमद का सदक़ा हो 'अता
और सदक़ा हो 'अता मुझ को ज़मीर-ए-शाह का
मुझ पे मेरे मालिक-ओ-आक़ा करम करना सदा
लाज रखना मेरे मौला तू 'हसन' की यूँ सदा
अस्सलाम ऐ शाह-ए-मुस्लिम वारिस-ए-ज़ेर-ए-क़िसा
मेरे मुर्शिद मेरे रहबर हज़रत-ए-मुस्लिम पिया
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