आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "bilaa-iraada"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "bilaa-iraada"
क़िता'
दिल गुम हुआ सीनः से तो वसवास बला क्याया'नी मिलेगा ढूँडे से कुछ यास नहीं है
ख़्वाजा रुक्नुद्दीन इश्क़
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "bilaa-iraada"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "bilaa-iraada"
ग़ज़ल
पस-ए-मुर्दन इरादा दिल में था जो कू-ए-क़ातिल कालहद में ख़ुश हुआ मैं नाम सुन कर पहली मंज़िल का
ग़ाफ़िल लखनवी
सूफ़ी लेख
क़व्वाली में उर्दू हिन्दी की इब्तिदा
फ़ार्सी-दाँ हल्क़ों में क़व्वाली की मक़्बूलियत के बाद मूजिद-ए-क़व्वाली हज़रत अमीर ख़ुसरौ को एक ऐसा अहम
अकमल हैदराबादी
सूफ़ी लेख
अमीर ख़ुसरो और इन्सान-दोस्ती - डॉक्टर ज़हीर अहमद सिद्दीक़ी
आज जिस मौज़ूअ’ पर दा’वत-ए-फ़िक्र दी गई है वो “अमीर ख़ुसरो और इन्सान-दोस्ती का मौज़ूअ’ है
फ़रोग़-ए-उर्दू
सूफ़ी लेख
अमीर ख़ुसरो बुज़ुर्ग और दरवेश की हैसियत से - मौलाना अ’ब्दुल माजिद दरियाबादी
ख़ालिक़-बारी का नाम भी आज के लड़कों ने न सुना होगा। कल के बूढ़ों के दिल
फ़रोग़-ए-उर्दू
सूफ़ी लेख
हिन्दुस्तानी तहज़ीब की तश्कील में अमीर ख़ुसरो का हिस्सा - मुनाज़िर आ’शिक़ हरगानवी
जब हम हिन्दुस्तान की तहज़ीब का मुतालिआ’ करते हैं तो देखते हैं कि तरह तरह के
फ़रोग़-ए-उर्दू
कलाम
ख़ुदा जाने मिरे दस्त-ए-हवस का क्या इरादा हैशब-ए-ख़ल्वत जो यूँ इन की तरफ़ रह-रह के बढ़ता है
अज्ञात
सूफ़ी शब्दावली
ना'त-ओ-मनक़बत
अपनी दरगाह में मुझ को तू बुला या ख़्वाजाताकि हो जावे मिरा उस में भला या ख़्वाजा



